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पुरानी से पुरानी चोट का निशान भी हो जाएगा गायब | Fairness Tips | gora hone ke tarike
 
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पुरानी से पुरानी चोट का निशान भी हो जाएगा गायब एलोवेरा  एलोवेरा का गुद्दा निकाल लें। फिर इससे चोट के निशान वाली जगह पर लगाकर मसाज करें। इस प्रक्रिया को रात को इस्तेमाल करें। मसाज करने के बाद सो जाएं। इससे अच्छा परिणाम मिलेगा। चेहरे के बाकी के दाग-धब्बो के लिए भी यह जादुई नुस्खा है। शहद  शहद काफी पुराना नुस्खा है, जिसका परिणाम भी बेहतर दिखाई देता है। शहद में ओटमिल और थोड़ा सा पानी मिलाकर चोट के निसान पर लगाएं। थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी से इसे साफ कर लें। इस प्रक्रिया को राज इस्तेमाल करें। बेकिंग सोडा अगर आप त्वचा पर मौजूद दाग-धब्बों को हफ्ते के अंदर हटाना चाहते हैं तो बेकिंग सोडा इस्तेमाल करें। 1 चम्मच बेकिंग सोडा में 3 चम्मच पानी मिलाइएं। इस मिश्रण को दाग पर लगाइएं और कुछ मिनट तक स्क्रब करें।ध्यान ऱखें कि दाग को ज्यादा न रगड़े। इसका थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी के साथ साफ कर दें। खीरा और प्याज  वैसे तो आप अकेले खीरे का रस निशान पर लगा सकते है। इसस न केवल दाग गायब होगा बल्कि चेहरे की रंगत भी निखरेगी। इसके अलावा खीरे के रस में प्याज का रस मिलाएं और दाग पर लगाएं। दिन में इस प्रक्रिया को कई बार दोहराएं। इससे करने से चेहरे पर मौजूद दाग जल्दी ही गायब हो जाएंगे। कोकोआ बटर जिस जगह पर चोट का निशान है उसे कोको-बटर से नम कर लें। फिर उस जगह को हल्के हाथों से सर्कुलेशन में घुमाएं। दिन में 3-4 बार ऐसे मसाज करें। ऐसा करने से जल्दी फायदा होता दिखाई देगा।
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Badam Khane Ke Fayden
 
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#Badam Khane Ke Fayden
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Angoor Ke Jus Ke Fayde
 
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#Angoor Ke Jus Ke Fayde # health tips in hindi
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Aise Pahchaane Sacche Pyaar Ko | Sache Pyar Ko Kaise Pahchane
 
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Aise Pahchaane Sacche Pyaar Ko
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तांबे की अंगूठी पहनने के लाभ | Benefits Of Tambe Ki Anguthi | Benefits Of Copper
 
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Benefits Of Copper Benefits Of Tambe Ki Anguthi तांबे की अंगूठी पहनने के लाभ
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सर्दियों में ठंडे पानी के साथ नहाने के फायदे
 
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सर्दियों में ठंडे पानी के साथ नहाने के फायदे
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पैरों की सूजन का आसान और अचूक इलाज
 
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#पैरों की सूजन का आसान और अचूक इलाज
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haldi adrak aur dalchini ki chai | Health Benefits of Turmeric, Ginger & cinnamon tea
 
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Health Benefits of Turmeric, Ginger & cinnamon tea
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बार बार पड़ते हैं बीमार तो लेना शुरू करें ये आहार
 
02:52
बार-बार पड़ते हैं बीमार तो लेना शुरू करें ये आहार रोग प्रतिरोधक क्षमता हमें कई बीमारियों से सुरक्षित रखती है. छोटी-मोटी ऐसी कई बीमारियां होती हैं जिनसे हमारा शरीर खुद ही निपट लेता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर बीमारियों का असर जल्दी होता है. ऐसे में शरीर कमजोर हो जाता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं. हमारा इम्यून सिस्टम हमें कई तरह की बीमारियों से सुरक्ष‍ित रखता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता कई तरह के बैक्टीरियल संक्रमण, फंगस संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है. इन बातों से यह तो स्पष्ट हो जाता है कि इम्यून पावर के कमजोर होने पर बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में ये बहुत जरूरी है कि हम अपनी इम्यून पावर को बनाए रखें. रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने के कई कारण हो सकते हैं. कई बार ये खानपान की लापरवाही की वजह से होता है, कई बार नशा करने की गलत आदतों के चलते और कई बार यह जन्मजात कमजोरी की वजह से भी होता है. अब सवाल ये उठता है कि अगर इम्यून पावर कमजोर हो जाए तो उसे बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए? यहां ऐसे ही कुछ उपायों का जिक्र है जिन्हें आजमाकर आप एक सप्ताह के भीतर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं : 1.ग्रीन टी और ब्लैक टी, दोनों ही इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होती हैं लेकिन एक दिन में इनके एक से दो कप ही पिएं. ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से नुकसान हो सकता है. 2.कच्चा लहसुन खाना भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में सहायक होता है. इसमें पर्याप्त मात्रा में एलिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम और विटामिन ए व ई पाए जाते हैं. 3.दही के सेवन से भी इम्यून पावर बढ़ती है. इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मददगार होती है. 4.ओट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं. साथ ही इसमें एंटी-माइक्राबियल गुण भी होता है. हर रोज ओट्स का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है. 5.विटामिन डी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. इससे कई रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है. साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए और दिल संबंधी बीमारियों को दूर रखने के लिए भी विटामिन डी लेना बहुत जरूरी है. 6.संक्रामक रोगों से सुरक्षा के लिए विटामिन सी का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है. नींबू और आंवले में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त रखने में मददगार होता है.
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पनीर खाने के फायदे जानकर आपको भी होगी हैरानी | Paneer Good For Health
 
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#Paneer Good For Health #पनीर खाने के फायदे जानकर आपको भी होगी हैरानी
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Benefits of Eating Jaggery and Chickpeas | गुड और चना खाने के फायदे
 
03:43
गुड और चना खाने के फायदे
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नसों में जमा गन्दगी को साफ करने के लिये घरेलू उपाय|Sharir ki gandagi saaf karne ke liye|how to detox
 
05:53
नसों में जमा गन्दगी को साफ करने के लिये सेबसे तेजी से बढ़ती हुयी समस्याओं में से एक है नसों में गन्दगी जमने के कारण उनका ब्लॉक हो जाना और दिल से जुड़ी बहुत सारी बीमारियॉ पैदा होना । इस लेख में हम आपको दस उन चीजों के बारे में बता रहे हैं जो नसों में जमा गन्दगी को साफ करके उनकी ब्लॉकेज खत्म करने में मदद करती हैं 1 लहसुन :- नसों में जमा गन्दगी को साफ करने के लिये सबसे पहले नाम आता है लहसुन का । लहसुन में बहुत अच्छी क्वालिटी का एण्टीऑक्सीडेन्ट पाया जाता है जो शरीर में घूमने वाले हानिकारक फ्री रैडीकल तत्वों को बाँध देता है जिस कारण से वे शरीर को कोई नुक्सान नही पहुँचा पाते हैं और दिल के ऊपर ज्यादा बोझ नही बढ़ने देता है । रोज सुबह लहसुन की एक या दो कली गुनगुने पानी के साथ निगलना सबसे आसान उपाय है । 2 अनार :- अनार नसों और शरीर में फैट जमा होने से रोकने में कारगर होता है । इसके अलावा अनार का सेवन करने से शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का निर्माण बढ़ता है । यह नाइट्रिक ऑक्साइड नसों को खुला रखता है और उनमें रक्त के प्रवाह को सुचारू बनाता है । इसके अलावा यह नसों में खून का थक्का जमने की प्रक्रिया को भी बाधित करता है । रोज सुबह खाली पेट अथवा शाम के समय एक अनार का रस पीने से यह लाभ हमको आसानी से मिल जाता है । 3 ग्रीन टी :- ग्रीन टी में कैथेचीन नामक एक कम्पाउण्ड पाया जाता है और यह कैथेचीन नसों को सामान्य रूप से लचीला बनाये रखता है । इसके अलावा ग्रीन टी के सेवन से रुधिर धमनियों की अन्दर की सतह पर मौजूद विशेष एण्डोथिलीयल कोशिकाओं की सेहत को दुरुस्त रखती है जिस कारण से दिल की बीमारियॉ होने का खतरा कम हो जाता है । 4 पालक :- पालक को हरा खून भी कहा जाता है । पालक के अन्दर नाइट्रिक ऑक्साइड पाया जाता है जो नसो में आने वाली सिकुड़न को खत्म करता है और खून का थक्का बनने से भी रोकता है । अतः पालक का जूस पीने से अथवा पालक का सलाद खाने से हर्ट स्ट्रोक और दिल की दूसरी बीमारियों का खतरा बहुत कम हो जाता है । 5 शतावरी :- शतावरी जिसको इंग्लिश में asparagus कहा जाता है नसों में जमा गन्दगी को साफ करने में बहुत उपयोगी है । शतावरी में विटामिन बी-6 विशेष रूप से पाया जाता है जो कि होमोसिस्टीन नामक एक अमीनो एसिड ( दिल के रोगों का बड़ा कारण ‌) के स्तर को शरीर में कम करता है । इसके अलावा यह सूजन बढ़ाने वाले प्रोटीन की मात्रा को भी कम करता है । शतावरी में पाया जाने वाला ग्लूटाथिओन नामक एण्टीऑक्सीडेण्ट तत्व और फोलिक एसिड दिल से जुड़ी सभी नसों के लिये बहुत ही ज्यादा लाभकारी होता है । 6 एवोकाडो :- एवोकाडो के अन्दर एच०डी०एल नामक अच्छा कोलेस्ट्रोल पाया जाता है जो नसों में जमा होने वाली गन्दगी और ब्लॉकेज की समस्या को साफ करके दूर करने में बहुत उपयोगी होता है । इसमें मौजूद विटामिन ई और फोलेट नामक तत्व हानिकारक होमोसिस्टीन के लेवल को कम कर देते हैं । रोज एक बार केवल आधा एवोकाडो खाकर आप निश्चिंत हो सकते हैं कि दिल के लिये कुछ अच्छा किया । 7 नसों में जमा गन्दगी को साफ करती है हल्दी :- हल्दी की चर्चा किये बगैर यह लेख अधूरा ही रह जायेगा । हल्दी में मौजूद कुरक्यूमिन नामक रसायन सूजन उतारने और एण्टीऑक्सीडेण्ट के रूप में काम करने के लिये बहुत महत्तवपूर्ण है । दिल के तंत्र के लिये और खराब कोलेस्ट्रोल को कम करने के लिये हल्दी एक बहुत ही उपयोगी तत्व होता है । हल्दी के सेवन का सबसे अच्छा तरीका गाय के एक गिलास हल्के गरम दूध में एक चम्मच हल्दी डालकर पीना होता है । 8 ब्रोकली :- ब्रोकली दिल के लिये बहुत ही उपयोगी सब्जी है । इसमें पाया जाने वाला सल्फरोफेन नामक कम्पाउण्ड नसों पर सूजन आने और उनके ब्लॉक होने की समस्या को शुरूआती दौर में ही रोक देने के लिये बहुत उपयोगी होता है । ब्रोकली में विटामिन के और फाईबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिस कारण से यह रक्तचाप को भी नही बढ़ने देने में कारगर होता है । 9 सेब :- सेब के अन्दर एक विशेष प्रकार का फाईबर “पेक्टिन” पाया जाता है जो कि खून में एकत्रित खराब कोलेस्ट्रोल को साफ कर देता है । यह लीवर के द्वारा कोलेस्ट्रोल की ज्यादा खपत करवाकर उसको खून में से कम कर देता है । 10 चिया के बीज :- चिया के बीज ओमेगा-3 नामक फैटी एसिड का सबसे बड़ा वानस्पतिक स्रोत होते हैं । इसके अतिरिक्त बड़ी मात्रा में फाईबर मौजूद होने के कारण यह दिल के लिये सबसे अच्छे मित्रों के रूप में गिना जाता है । यह खून में से कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करने के साथ ही नसों को साफ करके ब्लड प्रेशर को भी कम करता है । नसों में जमा गन्दगी को साफ करने के लिये इस लेख में बताये गये सभी प्रयोग हमारी समझ में पूरी तरह से हानिरहित हैं, फिर भी आपके आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श के बाद ही इनको सेवन करने की हम आपको सलाह देते हैं ।
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How To Get Rid of Itchy Scalp
 
03:26
How To Get Rid of Itchy Scalp
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यकीनन अंजान होंगे अलसी के इन फायदों से, जानें अलसी के तेल के जीवनरक्षक फायदों के बारे में
 
02:59
यकीनन अंजान होंगे अलसी के इन फायदों से, जानें अलसी के तेल के जीवनरक्षक फायदों के बारे में
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सिर में फोड़े फुंसी होते हैं तो पढ़े ये उपाय | AYURVEDIC REMEDIES FOR BOILS PIMPLES
 
01:43
सिर में फोड़े-फुंसी होते हैं तो पढ़े ये उपाय: 1. सिर पर फोड़े की पहचान- सिर में एक या दो बार फोड़े हो जाना आम बात है लेकिन जब यह रोजाना ही सिर पर दिखें तो आपको तुरंत ही डॉक्टर के पास जाना चाहिये। सबसे पहले तो फोड़ों के निकलने का कारण पता लगाना होगा। पहले स्टेप में विशेषज्ञ पस का सैंपल लेगा और फिर उसे देख कर दवा बताएगा। 2. संक्रमण- अगर सिर में संक्रमण है तो विशेषज्ञ आपको एंटीबायोटिक या एंटीफंगल दवाइयां देगा। इसके इलाज के लिये मेडिकेटिड शैंपू और साबुन भी आते हैं। 3. त्वचा विकार- कई लोगों की त्वचा संक्रमण और फोड़े-फुंसी के प्रकोप में जल्द आ जाती है। हो सकता है कि आपका पेट ना साफ होता हो या फिर इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कारण ऐसा होता हो। आयुर्वेद के हिसाब से यह माना गया है कि पेट की गड़बड़ी कई रोगों की जड़ होती है। 4. तनाव- अगर आपके सिर में निकले फोड़ों का कारण ना तो संक्रमण है और ना ही त्वचा विकार, तब इसका एक मात्र कारण होता सकता है तनाव। तनाव दूर करने के लिये आपको खुद ही पहल करनी होगी, इसमें डॉक्टर आपकी सहायता नहीं कर सकता। 5. बालों की देखभाल- बालों की अच्छी देखभाल से आप अपने बाल को साफ रख सकती हैं। जब सिर पर फोड़ा या फुंसी हो , तब सिर पर तेल ना लगाएं नहीं तो पोर्स ब्लॉक हो जाएंगे। सिर पर कंघी करने वक्त सावधानी बरतें, नहीं तो चोट लग सकती है। अपनी स्कैल्प को साफ रखें।
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सुबह खाली पेट किशमिश खाने के अद्भुत फायदे | Kishmish Khane Ke Fayde
 
01:18
सुबह खाली पेट किशमिश खाने के अद्भुत फायदे Kishmish Khane Ke Fayde
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बच्चों के पेट में कीड़े हटाने के 7 घरेलू उपाय Stomach Worms Natural Treatment
 
02:25
अपने बच्चे के पेट में कीड़े हटाने के 7 घरेलू उपाय बच्चों के पेट में कीड़े होना बेहद आम बात है, और लगभग 10 में से 7-8 बच्चों को यह समस्या होती ही है। हालाँकि, कुछ समय तक तो यह पता भी नहीं चल पाता कि बच्चे को पेट में कीड़े हुए हैं। लेकिन यह कीड़े बच्चे को अंदर ही अंदर बहुत परेशान करते हैं। लेकिन यदि आप थोड़ी सी सावधानी बरतें, तो इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है, वह भी बिना किसी डॉक्टरी सलाह के। ऐसे में, हम यहाँ कुछ ऐसी ही घरलू औषधियों के बारे में बता रहें हैं, जिनके प्रयोग से बेहद आसानी से पेट के कीड़ों से मुक्ति पाई जा सकती है। प्याज का रस- प्याज का रस पेट के कीड़ों के लिए बहुत कारगर होता है। सुबह खाली पेट बच्चे को एक प्याज का रस निकाल कर पिलाएं, इससे कीड़े की समस्या से छुटकारा मिलती है। करेला- करेले का रस भी पेट के कीड़ों के लिए बहुत उपयुक्त होता है लेकिन, इसका सेवन बच्चे शायद न कर पाएं। लेकिन, यदि इस प्रकार की समस्या बड़े लोगों को हो तो वह इसका प्रयोग कर सकते हैं। हल्दी- सुबह के समय खाली पेट एक चम्मच और बच्चा छोटा हो तो आधी चम्मच हल्दी का गुनगुने पानी के साथ सेवन कराने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। कच्ची हल्दी को गुड के साथ मिलाकर गोली बना कर सेवन भी किया जा सकता है। निम्बू और शहद- नीबू पत्तों के रस को शहद में मिलाकर सुबह खली पेट चाटने से पेट के कीडे जल्दी ही मर जाते हैं। गुनगुने पानी में नमक का सेवन- यदि गुनगुने पानी में सुबह के समय खाली पेट थोड़ा सा साधारण नमक डालकर सेवन किया जाए तो पेट के कीड़े बहुत जल्दी मरकर बाहर निकल जाते हैं। टमाटर और काला नमक- टमाटर में एक दो चुटकी काला नमक मिला कर सुबह खाली पेट बच्चे को खिलाएं, इससे कीड़े की समस्या से निजात मिलती है। लहसुन की चटनी- लहसुन की चटनी भी पेट के कीड़ों में बहुत फायदेमंद होती है। इसके नियमित सेवन से पेट में कीड़े नहीं होते हैं। ऐसे में इन प्राकर्तिक हर्ब्स के जरिए आप अपने बच्चे के पेट से कीड़े निकाल सकते हैं। साथ ही यह केमिकल रहित होता है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं पड़ता है।
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Chest Pain Cure By Two Minutes | Simple Home Remedies for Chest Pain in Hindi
 
03:53
Simple Home Remedies for Chest Pain in Hindi
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हार्ट अटैक आने से एक महीना पहले शरीर देता है ये संकेत
 
02:22
हार्ट अटैक आने से एक महीना पहले शरीर देता है ये संकेत
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जानें क्रिएटिनिन के बढ़े हुए लेवल को कैसे कम करे | how to reduce creatinine level home remedy
 
04:06
जानें क्रिएटिनिन के बढ़े हुए लेवल को कैसे कम करे 1 क्रिएटिनिन के बढ़े स्‍तर को कम करने के उपाय क्रियेटिन एक मेटाबॉलिक पदार्थ है, जो आहार को एनर्जी में बदलने के लिये सहायता देते समय टूट कर क्रिएटिनिन (एक वेस्ट पदार्थ होता है) में बदल जाता है। वैसे तो किडनी क्रिएटिनिन को छानकर ब्‍लड से बाहर निकाल देती है, उसके बाद यह वेस्ट पदार्थ यूरीन के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन कुछ स्वास्थ्य सम्बंधित समस्यायें किडनी के इस कार्य में बाधा पहुंचाती हैं, जिसके कारण क्रिएटिनिन बाहर नहीं निकल पाता है और ब्‍लड में इसका स्तर बढ़ने लगता है। क्रिएटिनिन का बड़ा हुआ स्‍तर किडनी सम्बंधित बीमारी या समस्याओं की ओर इशारा करता है। लेकिन घबराइये नहीं क्‍योंकि आहार में परिवर्तन, जीवन शैली में कुछ बदलाव, दवाओं के सेवन आदि से क्रिएटिनिन लेवल को कम किया जा सकता है। 2 प्रोटीन की ज्‍यादा मात्रा से बचें यूं तो शरीर में पर्याप्‍त एनर्जी का स्‍तर बनाये रखने के लिए और शारीरिक क्रियाओं के लिये आहार में प्रोटीन का होना अत्‍यंत आवश्‍यक है। इसलिये अपने आहार में से प्रोटीन को एकदम से खत्म न करें। लेकिन आहार के माध्यम से प्राप्त होने वाला क्रिएटिनिन, आमतौर से एनिमल प्रोडक्ट्स से प्राप्त होता है। वैसे तो इनसे प्राप्त होने वाली मात्रा हानिकारक नहीं होती है परंतु यह उन लोगों के लिये समस्या बन सकता है जिनका क्रिएटिनिन लेवल पहले से ही बढ़ा हुआ है। इसलिए उन खाद्य पदर्थों से परहेज करें जिनमें प्रोटीन ज्यादा मात्रा में उपलब्ध होता है जैसे रेड मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स आपके लिये विशेष रूप से हानिकारक हो सकते हैं। लेकिन प्राकृतिक स्रोतों जैसे नट्स तथा दालों से इसे प्राप्त किया जा सकता है। 3 नियंत्रित मात्रा में लें सोडियम अधिक मात्रा में सोडियम लेने से शरीर में फ्लूड और स्वास्थ्य को हानि पहुंचाने वाले स्तर तक एकत्रित करने लगता है, जिससे हाई बीपी की समस्‍या होने लगती है। इन दोनों कारणों से क्रिएटिनिन लेवल बढ़ सकता है। इसलिए कम सोडियम वाला आहार लें। जिन खाद्य पदार्थों और पेय में नमक ज्यादा हो जैसे प्रोसेस्ड फूड उनसे दूर रहें और उनके स्थान पर उपलब्‍ध कम सोडियम युक्त प्राकृतिक आहार लें। 4 ब्‍लड प्रेशर की दवाओं से नियंत्रित करें डायबिटीज के अलावा हाई ब्‍लड प्रेशर भी किडनी को नुकसान पहुंचाने वाला एक अन्य कारण है। ब्‍लड प्रेशर को नियंत्रित रखने से किडनी को और नुकसान नहीं होता है और इस तरह क्रिएटिनिन के लेवल को कम करने में भी मदद मिलती है। 5 भरपूर नींद लें नींद के दौरान बहुत से शारीरिक कार्य कम या धीमे पड़ जाते हैं। इसमे शरीर की मेटाबॉलिक क्रियायें भी शामिल हैं। परिणामस्वरूप, क्रिएटिनिन में परिवर्तन की गति धीमी हो जाती है जिससे ब्‍लड में पहले से उपस्थित क्रिएटिनिन, नये क्रिएटिनिन के एकत्रित होने से पहले ज्यादा मात्रा में फिल्टर होकर बाहर निकल जाता है। इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्‍त नींद लें। 6 हर्बल टी और नेटल लीफ माना जाता है कि कुछ खास तरह की हर्बल चाय ब्‍लड में उपस्थित क्रिएटिनिन की मात्रा को कम करती है। हर्बल चाय किडनी को अधिक मूत्र उत्पादन के लिये प्रोत्साहित करती हैं। इस तरह, अधिक मात्रा मे क्रिएटिनिन शरीर के बाहर निकल जाता है। इसलिए बढ़े हुए क्रिएटिनिन के स्‍तर को कम करने के लिए नियमित रूप से हर्बल टी लें।नेटल लीफ भी मूत्र निष्कासन को बढाकर अतिरिक्त क्रिएटिनिन को भी बाहर निकालने में मदद करते हैं। नेटल में हिस्टामिन तथा फ्लेवोनॉयड्स नामक तत्‍व होते हैं जो किडनी में पहुंचकर ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाते हैं। इससे यूरीन फिल्ट्रेशन बढ़ जाता है। नेटल लीफ को आप सप्लीमेण्ट्स के रूप में या चाय बनाकर पी सकते हैं।
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1हफ्ते में कैसे उतारे आँखों से चश्मा  Eye Care Treatment
 
03:38
1हफ्ते में कैसे उतारे आँखों से चश्मा Eye Care Treatment नेत्र ज्योति बढ़ाने व चश्मा उतारने में साहयक है ये 14 घरेलू नुस्खे कम उम्र में चश्मा लग जाना आजकल एक सामान्य सी बात है। इस समस्या से जूझ रहे लोग इसे मजबूरी मानकर हमेशा के लिए अपना लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि अगर किसी कारण से एक बार चश्मा लग जाए तो वह उतर नहीं सकता। चश्मा लगने का सबसे प्रमुख कारण आंखों की ठीक से देखभाल न करना, पोषक तत्वों की कमी या अनुवांशिक हो सकते हैं। इनमें से अनुवांशिक कारण को छोड़कर अन्य कारणों से लगा चश्मा सही देखभाल व खानपान का ध्यान रखने के साथ ही देसी नुस्खे अपनाकर उतारा जा सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही घरेलू नुस्खे जो आंखों की समस्या में रामबाण की तरह काम करते हैं…. 1. पैर के तलवों पर सरसों के तेल की मालिश करके सोएं। सुबह के समय नंगे पैर हरी घास पर चलें व नियमित रूप से अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें। आंखों की कमजोरी दूर हो जाएगी। 2. एक चने के दाने जितनी फिटकरी को सेंककर सौ ग्राम गुलाबजल में डालकर रख लें। रोजाना रात को सोते समय इस गुलाबजल की चार-पांच बूंद आंखों में डाले। साथ ही,पैर के तलवों पर घी की मालिश करें इससे चश्में के नंबर कम हो जाते हैं। 3. आंवले के पानी से आंखें धोने से या गुलाबजल डालने से आंखें स्वस्थ रहती है। 4. बादाम की गिरी, बड़ी सौंफ व मिश्री तीनों को समान मात्रा में मिला लें। रोज इस मिश्रण को एक चम्मच मात्रा में एक गिलास दूध के साथ रात को सोते समय लें। 5. बेलपत्र का 20 से 50 मि.ली. रस पीने और 3 से 5 बूंद आंखों में काजल की तरह लगाने से रतौंधी रोग में आराम होता है। 6. आंखों के हर प्रकार के रोग जैसे पानी गिरना , आंखें आना, आंखों की दुर्बलता, आदि होने पर रात को आठ बादाम भिगोकर सुबह पीस कर पानी में मिलाकर पी जाएं। 7. केला, गन्ना खाना आंखों के लिए लाभकारी है। गन्ने का रस पिएं। एक नींबू एक गिलास पानी में पीते रहने से जीवन भर नेत्र ज्योति बनी रहती है। 8. हल्दी की गांठ को तुअर की दाल में उबालकर, छाया में सुखाकर, पानी में घिसकर सूर्यास्त से पूर्व दिन में दो बार आंख में काजल की तरह लगाने से आंखों की लालिमा दूर होती है व आंखें स्वस्थ रहती हैं। 9. सुबह के समय उठकर बिना कुल्ला किए मुंह की लार (Saliva) अपनी आंखों में काजल की तरह लगाएंं।लगातार 6 महीने करते रहने पर चश्मे का नंबर कम हो जाता है। 10. कनपटी पर गाय के घी की हल्के हाथ से रोजाना कुछ देर मसाज करने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है। 11. रात्रि में सोते समय अरण्डी का तेल या शहद आंखों में डालने से आंखों की सफेदी बढ़ती है। 12. नींबू एवं गुलाबजल का समान मात्रा में मिलाकर बनाया गया मिश्रण एक-एक घंटे के अंतर से आंखों में डालने से आखों को ठंडक मिलती है। 13. त्रिफला चूर्ण को रात्रि में पानी में भिगोकर, सुबह छानकर उस पानी से आंखें धोने से नेत्रज्योति बढ़ती है। 14. बादाम की गिरी, बड़ी सौंफ व मिश्री तीनों को समान मात्रा में मिला लें। रोज इस मिश्रण को एक चम्मच मात्रा में एक गिलास दूध के साथ रात को सोते समय लें।
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कार्तिक पूर्णिमा | Kartik Purnima 2018 | Kartik Purnima Puja Muhurat
 
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कार्तिक पूर्णिमा | Kartik Purnima 2018 | Kartik Purnima Puja Muhurat
Bollywood Superstar Will Be The Villain Of Dhoom 4 Upcoming Movie | Dhoom 4
 
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DHOOM 4 Movie UPCOMING : This Bollywood Superstar Will Be The Villain Of Dhoom 4 Upcoming Movie
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घरेलु उपचार के द्वारा पैरों का दर्द दूर करें Home Remedies For Leg Pain
 
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वैसे तो शरीर के हर अंग का अपना महत्व होता है। एक के बिना दूसरा अधूरा होता है। लेकिन बेचारे पैर को पूरे शरीर का भार उठाना पड़ता है, इसलिए कभी-कभी सारे दिन के कठीन परिश्रम के बाद पैर दर्द करने लगता है। पैर दर्द के एहसास के द्वारा यह बताना चाहता है कि अब वह थक गया है उसे आराम की ज़रूरत है। अतः पैरों का दर्द दूर करने के लिए यह है कुछ घरेलु उपचार: आधा बाल्टी गुनगुना गर्म पानी लें, उसमें दो बड़े चम्मच सेंधा नमक डालें। आप एक कुर्सी पर आराम से बैठे और बाल्टी में पैरों को दस से पंद्रह मिनट तक डुबोकर रखें। उसके बाद पैरों को नरम तौलिए से पोंछकर अच्छी तरह से लोशन लगाकर मॉश्चराइज़ कर लें।आधा बाल्टी गुनगुना गर्म पानी और आधा बाल्टी ठंडा पानी लें। आप कुर्सी पर आराम से बैठें और बारी बारी से पैरों को पानी में डुबोएं। उसके बाद पैरों को तौलिए से अच्छे से पोंछकर कुछ देर तक आराम करें।सारे दिन के कठीन परिश्रम के बाद अपने पैरों को आराम देने के लिए एक साफ नरम सूती के कपड़े में बर्फ लेकर उसका एक गोला बनाकर अपने पैरों पर धीरे-धीरे दस-पंद्रह मिनट तक लगायें, आपको अविश्वसनीय रूप से आराम मिलेगा और पैरों का सूजन भी धीरे-धीरे कम हो जाएगा। अपने पैरों को बेबी ऑयल या मॉश्चराइज़र से अपने अंगूठे और अंगुलियों की मदद से गोलाकार गति में धीरे-धीरे दबाकर मालिश करें, इससे आपको आराम मिलेगा।आप जूते को खोलकर आराम से बैठे और उसके बाद गोल्फ की गेंद के ऊपर बारी-बारी से पैरों को रख कर धीरे-धीरे गेंद को गोलाकर गति में घुमाते हुए दबायें। इस व्यायाम से पैरों का दर्द कुछ देर के बाद कम होने लगेगा। ये तो कुछ घरेलु उपचार है जिसके द्वारा आप अपने पैरों को कुछ देर के लिए आराम दे सकते हैं। पैरों का दर्द अगर बहुत दिनों से हो रहा है तो तुरन्त डॉक्टर से सलाह लें।
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किडनी के रोगी चाहे उनका डायलासिस चल रहा हो जरुर अपनाएं ये उपाय | signs of kidney failure
 
02:31
किडनी के रोगी चाहे उनका डायलासिस चल रहा हो या अभी शुरू होने वाला हो, चाहे उनका क्रिएटिनिन या यूरिया कितना भी बढ़ा हो, और अगर डॉक्टर्स ने भी उनको किडनी ट्रांसप्लांट के लिए बोल दिया हो, ऐसे में उन रोगियों के लिए विशेष 3 रामबाण प्रयोग हैं, जो उनको इस प्राणघातक रोग से छुटकारा दिला सकते हैं. आइये जाने.100%sure 1. नीम और पीपल की छाल का काढ़ा. आवश्यक सामग्री। नीम की छाल – 10 ग्राम पीपल की छाल – 10 ग्राम 3 गिलास पानी में 10 ग्राम नीम की छाल और 10 ग्राम पीपल की छाल लेकर आधा रहने तक उबाल कर काढ़ा बना लें। इस काढ़े को दिन में 3-4 भाग में बाँट कर सेवन करते रहें। इस प्रयोग से मात्र सात दिन क्रिएटिनिन का स्तर व्यवस्थित हो सकता है या प्रयाप्त लेवल तक आ सकता है। 2. गेंहू के जवारो और गिलोय का रस गेंहू के जवारे (गेंहू घास) का रस गिलोय(अमृता) का रस। गेंहू की घास को धरती की संजीवनी के समान कहा गया है, जिसे नियमित रूप से पीने से मरणासन्न अवस्था में पड़ा हुआ रोगी भी स्वस्थ हो जाता है। और इसमें अगर गिलोय(अमृता) का रस मिला दिया जाए तो ये मिश्रण अमृत बन जाता है। गिलोय अक्सर पार्क में या खेतो में लगी हुयी मिल जाती है। गेंहू के जवारों का रस 50 ग्राम और गिलोय (अमृता की एक फ़ीट लम्बी व् एक अंगुली मोटी डंडी) का रस निकालकर – दोनों का मिश्रण दिन में एक बार रोज़ाना सुबह खाली पेट निरंतर लेते रहने से डायलिसिस द्वारा रक्त चढ़ाये जाने की अवस्था में आशातीत लाभ होता है। इसके निरंतर सेवन से कई प्रकार के कैंसर से भी मुक्ति मिलती है। रक्त में हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स की मात्रा तेज़ी से बढ़ने लगती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत बढ़ जाती है। रक्त में तुरंत श्वेत कोशिकाएं(W.B.C.) बढ़ने लगती हैं। और रक्तगत बिमारियों में आशातीत सुधार होता है। तीन मास तक इस अमृतपेय को निरंतर लेते रहने से कई असाध्य रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है।
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Chicken Khane Ke Fayde
 
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chicken khane ke fayde
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डिलिवरी के बाद फुले हुए पेट को अंदर करने के लिए अपनाएं ये तरीके How To Reduce Tummy After Delivery
 
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डिलिवरी के बाद फुले हुए पेट को अंदर करने के लिए महिलाएं अपनाएं ये तरीके प्रेग्नेंसी में डिलीवरी के बाद महिलाएं अपने फिगर को लेकर परेशान रहती हैं। महिलाओं को ज्यादा टेंशन जब होती है तब पेट फुल जाता है। इसे अंदर करने के लिए कई तरीके अपनाती हैं, लेकिन कुछ असर नहीं होता। अगर आप भी प्रेग्नेंसी के बाद फुले पेट से हैं परेशान, तो अपनाएं ये अचूक उपचार... 1. पौष्टिक आहार खाने में पौष्टिक आहार का सेवन करें। हेल्दी डाइट से ज्यादा से ज्यादा लें। 2. ओट्स खाएं अपने ब्रेकफास्ट में रोज ओट्स खाएं। इससे आपका पेट कम होना शुरू हो जाएगा। 3. वॉक करें डिलवरी के बाद रोजाना धीरे-धीरे 10 मिनट से 20 मिनट की वॉक जरूर करें। 4. स्तनपान स्तनपान करवाने से 500 कैलोरी रोजाना बर्न होती है। इसलिए अगर आप अपने शिशु को ज्‍यादा देर तक स्‍तनपान करवाएंगी, आपकी कैलोरी उतनी ही ज्‍यादा बर्न होगी। 5. भरपूर नींद लें डिलीवरी के बाद नींद पूरी होना मुश्किल हो जाता है। बेबी को संभालने के चक्कर में पूरी नींद हो पाती। तो आप कम से कम 6 घंटे की नींद जरूर लें। 6. स्ट्रेस ना लें प्रेग्नेंसी के बाद स्ट्रेस को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है। स्ट्रेस की वजह से ब्लड कॉर्टिसॉल की मात्रा बढ़ती है जिसकी वजह से मोटापा बढ़ने लगता है। 7. हाइड्रेड रहें पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं। जिससे हाइड्रेड की समस्या ना हो। 8. एक्‍सरसाइज प्रेग्नेंसी के बाद शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है। दो-तीन महीने बाद बॉडी एक्‍सरसाइज के लिए तैयार हो जाती है। रोजाना 30 मिनट के लिए लाइट एक्‍सरसाइज जरूर करें।
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आयुर्वेद में अर्जुन की छाल के उपयोग | arjun ki chhal ke fayde
 
04:11
आयुर्वेद में अर्जुन की छाल के उपयोग______ आप ने अर्जुन के वृक्ष के बारे में तो सुना ही होगा। यह एक ऐसा वृक्ष होता है जिसका प्रयोग हम औषधीय के रूप में करते हैं। इसकी छाल से बहुत सी बीमारियों का इलाज किया जाता है। अर्जुन की छाल के फायदे इतने हैं कि इसका नियमित रूप से सेवन करने से हम घातक बीमारियों जैसे बीपी, बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रोल, हार्ट अटैक तथा मोटापे से बच सकते हैं। साथ ही यह और बीमारियों जैसे पेट का दर्द, कान का दर्द, मुंह की झारियां, क्षय खांसी आदि के लिए लाभदायक होता है। यह हमारे सफेद बालों को काला करने के लिए भी कारागार होता है। जब हम इसका नियमित रूप से सेवन करते हैं, तो हमें इससे बहुत से लाभ प्राप्त होते हैं 1. हड्डी टूटने पर यदि हड्डी टूट जाए या चोट लग जाए तो अर्जुन की छाल का चूर्ण दूध के साथ लेने से हड्डी जल्दी जुड़ जाती है। इसके साथ आप चोट वाली जगह पर इसका लेप बनाकर पट्टी कर सकते हो। इससे आपकी चोट जल्दी ठीक हो जाएगी। 2. बालों को सफेद करे अर्जुन की छाल का चूर्ण बनाकर मेहंदी में अच्छे से मिक्स कर लें, फिर उसे अपने बालों में लगाएं। इससे आपके बाल काले और सुंदर हो जायेगें, ये अर्जुन की छाल के फायदे में सबसे बेहरतीन फायदों में शुमार है। 3. बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल कम करे कोलेस्ट्रोल को कम करने के लिए डेढ़ चम्मच अर्जुन की छाल का पाउडर, 2 गिलास पानी में तब तक उबालें, जब तक पानी आधा न रह जाए। फिर पानी को ठंडा करके छान ले, फिर इसका सेवन सुबह शाम करने से ब्लॉक हुई धमनियां खुल जाएगी और आपका बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल कम होने लगेगा। 4. हाई बीपी कम करे यदि आपका बीपी अधिक है, तो रोज सुबह चाय में अर्जुन की छाल का चूर्ण डाल कर पियें। इससे आपको फर्क जल्द ही नजर आने लगेगा। 5. अनियमित हार्ट बीट के लिए अर्जुन की छाल को पीसकर चूर्ण तैयार कर लें, फिर उस चूर्ण को कपड़े में छान कर जीभ पर रखने से ह्रदय की अनियमित धड़कन ठीक हो जाती है। 6. रक्तपित्त रक्तपित्त यानी खूनी पित्त में शरीर गर्म हो जाता है और रक्तपित्त नाक, गुदा, मूत्रद्वार और योनि आदि जगह से बाहर आता है। अर्जुन की छाल का काढा सुबह पीने से रक्तपित्त ठीक हो जाता है। 7. यूरिन में रुकावट यदि आपके यूरिन में रुकावट है, तो अर्जुन की छाल का काढ़ा पीने से यह रुकावट दूर हो जाती है। लेकिन इसका लाभ तभी होता है यदि हम इसे दिन में एक बार जरूर पीते हैं। 8. मुंह के छाले नारियल के तेल में अर्जुन की छाल का चूर्ण अच्छे से मिला लें। फिर उसे मुंह के छालों पर लगाएं। आपके छाले ठीक हो जायेंगे। 9. बुखार को ठीक करे बुखार होने पर अर्जुन की छाल का चूर्ण बनाकर गुड के साथ लेने से बुखार ठीक हो जाता है। 10. जल जाने पर आग से जल जाने पर घाव बहुत ही जल्दी से होता है। ऐसे में यदि हम अर्जुन की छाल का चूर्ण उस घाव पर लगाते हैं तो घाव तुरंत ही ठीक हो जाता है। अगर हड्डी टूट जाए या चोट लग जाए तब अर्जुन की छाल को पीस कर प्रभावित अंग पर लेप करके पट्टी बांध लें, इससे दर्द में आराम मिलेगा और घाव भरने लगेगा। सिर में नन्हीं नन्हीं फुंसियां होने पर अर्जुन छाल के काढ़े से सिर धोकर, अर्जुन की छाल का बारीक़ चूर्ण घी के साथ मिलाकर सिर पर लगाने से फुंसियों से छुटकारा मिलता है। अर्जुन छाल का बारीक़ चूर्ण मधु के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से कील मुहांसे दूर हो जाते हैं। अर्जुन छाल के चूर्ण को मेहंदी में मिला कर बालों में लगाएं और सफेद बाल को काला बनाएं। अगर दांतों पर पीलापन है तो आप अर्जुन छाल के चूर्ण से अपने दांतों की सफ़ाई करें, इससे पीलापन चला जायेगा।
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अनेकों रोगों में रामबाण है नागफनी health benefits of cactus
 
02:39
नागफनी के फायदे इसमें विरेचन की भी क्षमता है . पेट साफ़ न होता हो तो इसके ताज़े दूध की 1-2 बूँद बताशे में डालकर खा लें ; ऊपर से पानी पी लें . इसका दूध आँख में नहीं गिरना चाहिए . यह अंधापन ला सकता है . आँखों की लाली ठीक करनी हो तो इसके बड़े पत्ते के कांटे साफ करके उसको बीच में से फाड़ लें . गूदे वाले हिस्से को कपडे पर रखकर आँख पर बाँधने से आँख की लाली ठीक हो जाती है . अगर सूजन है , जोड़ों का दर्द है , गुम चोट के कारण चल नहीं पाते हैं तो , पत्ते को बीच में काटकर गूदे वाले हिस्से पर हल्दी और सरसों का तेल लगाकर गर्म करकर बांधें . 4-6 घंटे में ही सूजन उतर जायेगी . Hydrocele की समस्या में इसी को लंगोटी में बांधें . कान में परेशानी हो तो इक्का पत्ता गर्म करके दो-दो बूँद रस डालें . इसके लाल और पीले रंग के फूल होते हैं . फूल के नीचे के फल को गर्म करके या उबालकर खाया जा सकता है . यह फल स्वादिष्ट होता है ।यह पित्तनाशक और ज्वरनाशक होता है . अगर दमा की बीमारी ठीक करनी है तो इसके फल को टुकड़े कर के , सुखाकर ,उसका काढ़ा पीयें . इस काढ़े से साधारण खांसी भी ठीक होती है । ऐसा माना जाता है की अगर इसके पत्तों के 2 से 5 ग्राम तक रस का सेवन प्रतिदिन किया जाए तो कैंसर को रोका जा सकता है लीवर , spleen बढ़ने पर , कम भूख लगने पर या ascites होने पर इसके 4-5 ग्राम रस में 10 ग्राम गोमूत्र , सौंठ और काली मिर्च मिलाएं . इसे नियमित रूप से लेते रहने से ये सभी बीमारियाँ ठीक होती हैं . श्वास या कफ के रोग हैं तो एक भाग इसका रस और तीन भाग अदरक का रस मिलाकर लें . इसके पंचाग के टुकड़े सुखाकर , मिटटी की हंडिया में बंद करके फूंकें . जलने के बाद हंडिया में राख रह जाएगी । इसे नागफनी का क्षार कहा जाता है । इसकी 1-2 ग्राम राख शहद के साथ चाटने से या गर्म पानी के साथ लेने से हृदय रोग व सांस फूलने की बीमारी ठीक होती है . घबराहट दूर होती है । इससे मूत्र रोगों में भी लाभ मिलता है . श्वास रोगों में भी फायदा होता है नागफनी सूजन, कब्ज, निमोनिया, गर्भनिरोधक और कई अन्य रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इसे आंतरिक और बाह्य दोनों तरह से इस्तेमाल किया जाता है। किसी भी मामले में, इसे प्रयोग करने से पहले कांटों को हटा देना बहुत ही आवश्यक है।
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New Latest Blouse Designs | Model Look Blouse Back Neck | Stylish Bridal Blouse Back Neck Design
 
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Health Benefits Of GARLIC | Lahsun Ke Fayde
 
03:47
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पैरों के तलवों में होती है जलन तो जल्द ही करें ये उपाय | Pairo Men Jalan Se Kase Bache |Burning Feet
 
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पैरों के तलवों में होती है जलन तो जल्द ही करें ये उपाय 1. सरसों का तेल सरसों का तेल बहुत फायदेमंद होता है यह ना सिर्फ आपके खाना बनाने में काम आता है बल्कि इससे खाने का टेस्ट भी बढ़ता है और आपका हेल्थ भी सही रहता है। सालों से छोटे-मोटे रोग के उपचार के लिए इसे इस्तेमाल में लाया जा रहा है। हाथ-पैरों या पैरों के तलवों में जलन हो तो 2 गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच सरसों का तेल मिला लीजिए। उसे एक बर्तन में रखकर उसमें अपना पैर रखिए। पैरों की गर्मी और जलन दूर हो जाएगी। 2. लौकी का सेवन लौकी न केवल शरीर के अंदर की गंदगी को साफ रखता है बल्कि यह जलन में भी काम आता है। यदि आपके तलवों में जलन होती है तो लौकी के गूदे को निकालकर पैरों के तलवों में लगाने से आपकी यह समस्या दूर हो सकती है। 3. नंगे पैर चलें सुबह-सुबह जल्दी उठते ही हरे-हरे घास पर नंगे पैर चलने से आपकी आंखों की रोशनी बढ़ती है यह तो हम जानते हैं, साथ ही पैरों का ब्ल ड सर्कुलेशन बढ़ता है। इसके तलवों तक रक्त का संचार होता है और खुजली या जलन की समस्या नहीं होती। 4. अदरक अदरक को हम न केवल भोजन में स्वाद के लिए प्रयोग में लाते हैं बल्कि दवा के रूप में यह बहुत ही उपयोगी खाद्य प्रदार्थ है। अदरक में औषधीय गुण है और इसे सालों से घरेलू उपचार के लिए प्रयोग में लाया जाता है। अदरक के रस में थोड़ा सा जैतून तेल या नारियल तेल मिलाकर गरम कर लें और इससे अपने एडियों तथा तलवों पर लगाएं। जलन की समस्या दूर हो जाएगी। 5. जूता खरीदते समय ध्यान दें पैरों में ज्यादातर जलन सही तरह के जूते न पहनने की वजह से होता है। जूते की गलत तरह की बनावट आपके पैरों में दर्द या जलन जैसी समस्या पैदा करते हैं। इसलिए इस समस्या से निजात पाने के लिए आप जूता खरीदते समय ध्यान दें। इसके अलावा आप इस बात का भी ध्यान दें कि यदि जूता फट जाए तो उसे तूरंत बदलें क्योंकि पैरों में धूल मिट्टी लगने से भी जलन की समस्या उत्पन होने लगती है। 6.विटामिन बी 3 का प्रयोग अंडे का पीला भाग, दूध, मटर और बींस का सेवन विटामिन बी3 के स्रोत हैं। यह ब्लड कॉलेस्ट्रॉल लेवल कम करने और ब्लड ग्लूकोज़ लेवल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा इससे तलवों के जलन में भी राहत मिलती है। 7.मेहंदी मेहंदी सौंदर्यवर्धक और मंगल कामों की प्रतीक होती है। लेकिन इसमें औषधियुक्त गुण भी पाएं जाते हैं। यदि आप मेहंदी, सिरका और नींबू के रस को मिलाकर एक पेस्ट बनाते हैं और उसे तलवो पर लगाते हैं, तो आपको तलवे के जलन से छुटकारा मिल सकता है।
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Kali Mirch Ke Totke | Chamatkari totke | काली मिर्च से धन प्राप्ति के अचूक उपाय
 
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काली मिर्च से धन प्राप्ति के अचूक उपाय
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पैर के जलन का आयुर्वेदिक रामबाण इलाज़ | Hath aur Pav ke talvo ki jalan ka upchar
 
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पैर के जलन का आयुर्वेदिक रामबाण इलाज़ बॉटल मसाज से तुरंत मिल जाएगा तलवों के दर्द से आराम  तलवों के दर्द में पैरों को बॉटल मसाज दें और राहत पाएं।बर्फ से जमी प्लास्टिक की बॉटल को तलवों के बीच में रखें।तलवे में इंफेक्‍शन या घाव के दौरान बॉटल मसाज न करें।  रोजाना की भागम-भाग, ऑफिस का तनाव और ट्रैफिक जाम की थकावट का सबसे ज्यादा असर पैरों पर पड़ता है, खासकर तलवों पर। ऐसे में पैरों के तलवों के दर्द के कारण कई बार पैर सूज जाते हैं और चलने में बिल्कुल भी असमर्थ होते हैं। लेकिन ऑफिस और ऑफिस का काम किसी के लिए नहीं रुकता। ऐसे में रोज-रोज डॉक्टर के पास भी नहीं जा सकते। इसे दूर करने के लिए आसान घरेलू उपाय अपनाएं और पैरों को बॉटल मसाज देकर दर्द दूर करें। पैरों के तलवों में दर्द, जलन व सूजन के लिए बॉटल मसाज काफी कारगर है। इस लेख में बॉटल मसाज और उससे जुड़ी सावधानियों के बारे में विस्तार से में पढ़ें। क्यों होता है पैरों के तलवों में दर्द बॉटल मसाज से पहले पैरों के तलवों के दर्द के बारे में जानना जरूरी है। पैरों के तलवों में दर्द प्लांटर फैस्कीटिस, फ्रैक्चर और स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण होता है। प्लान्टर फैस्कीटिस पैरों से संबंधित एक मुख्य ऑर्थोपेडिक समस्या है, जिसमें पैर के तलवे के टिश्यूज में सूजन आ जाती है। जो पैर के तलवे से लेकर घुटनों तक तेज दर्द का कारण बनता है। वहीं फ्रैक्चर, हड्डी टूटने के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष चोट लगने के बाद होता है। इसी तरह अगर आप सशक्त स्ट्रेच जैसे रनिंग और जंपिंग करते हैं तो आप स्ट्रेस फ्रैक्चर की समस्या से जरूर वाकिफ होंगे जिसमें पैरों के तलवों में भयानक दर्द होता है। अगर तलवों के इस दर्द का ईलाज सही समय पर न हो तो समय के साथ बढ़ते जाता है। इसलिए इसे नजरअंदाज न करें और घर या ऑफिस में ही तलवों को बॉटल मसाज दें। बॉटल मसाज बॉटल मसाज के लिए एक प्लास्टिक की बोतल लें और उसको एक तिहाई पानी से भरकर फ्रीजर में रख दें। जब बॉटल में बर्फ जम जाए तो उसे टॉवल या सूखे कपड़े से लपेट लें। बॉटल मसाज के दौरान आप आऱाम से कुर्सी में बैठ जाएं। कुर्सी में बैठकर पैरों के तलवों के बीच बॉटल को रख, बॉटल को आगे-पीछे करें। इसे दस से बारह मिनट तक करें। पैरों के तलवों के दर्द में आराम मिलेगा। दिन में तीन से चार बार पैरों को बॉटल मसाज दें।    सावधानियां अगर पैरों में स्किन एलर्जी, इन्फेक्शन या घाव हो तो इस मसाज का उपयोग न करें।इस मसाज के लिए पानी की हमेशा साफ-सुथरी बॉटल ही प्रयोग कीजिए।कांच के बॉटल का उपयोग तो इस मसाज के लिए बिल्कुल न करें।ध्यान रखें की मसाज के दौरान बॉटल का ढक्कन अच्छी तरह से बंद हो।इस मसाज के तुरंत बाद नहाने से बचें।
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Health Benefits Of Saliva | Improve Eyesight By Saliva | सुबह की लार के अद्भुत चमत्कारी उपाय
 
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भुने हुए लहसुन की एक कली, मर्दों को बना देगी बाहुबली, ये 7 फायदे जानिए
 
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